SIM ka Full Form ई- सिम क्या होता है 2021

सिम का इस्तेमाल तो आज हर कोई कर रहा है क्या आप “Sim ka full form” जानते है नही तो ये पोस्ट आपके लिए है। आज के इस Post में आपको sim कार्ड के बारे में बहुत रोचक जानकारी देने वाला हूँ ।

आज आप दिन ब दिन बड़ते डिजिटल युग में कैसे एक छोटे से प्लास्टिक के कार्ड से इन्टरनेट का इस्तेमाल करते है क्या आपने कभी जानने की कोसिस की ही होगी ।

आज के इस Digital दुनिया में हर चाहे अमीर हो या गरीब हर किसी के घर मे घर के हर एक Member के पास Mobile होता ही है । और मोबाइल बिना sim के चलाना impossible है । देश में jio sim के आने के बाद लोगो को ऐसी लत लग गई है जो व्यक्ति चाह कर भी नही छोड़ सकता है ।

क्यकि jio के आने के बाद हर किसी Telecom company को अपने प्लान के दाम को कम किया और वो आज भी घाटे में ही चल रहे है । IDEA /Voda दोनों मिलकर VI हो चुके है । तो आज के इस पोस्ट में आपको Sim के बारे में Information देने वाला हूँ , अगर आप भी अपने मोबाइल में sim कार्ड का उपयोग करते ही है ।

क्या आप ये जानना नही चाहेंगे की आप Sim के द्वारा आज के युग में क्या क्या फायदे ले सकते है कन्हा कन्हा उपयोग किया जाता है ।  कितने प्रकार होते है आने समय में sim कार्ड का क्या भाविष्य रहेगा और साथ जानेंगे E-SIM क्या है क्या अब इ- सिम का उपयोग किया जायेगा ।

SIM ka full form- सिम का फुल फॉर्म 

Sim का फुल  फॉर्म “Subscriber Identity Module” हिंदी में “ग्राहक पहचान मॉड्यूल “ इसके द्वारा ग्राहक की पहचान की जाती है , ग्राहक का नाम ,पता , State , देश  और व्यक्ति की current लोकेशन क्या है । इस प्रकार की जानकारी को short मे SIM का नाम दिया गया है ।

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सिम क्या होता है ?

दोस्तों आप सभी ने sim का नाम तो सुना ही है , और ये क्या होता है इसकी Information में आपको थोड़ी बहुत होगी ही । sim कार्ड ये एक छोटा सा प्लास्टिक का कार्ड होता है जिसमे एक छोटी सी चिप लगी होती है । और इसी  Chip में ही आप पूरी जानकारी Store करके रख पाते है । जिसे हम स्मार्ट कार्ड भी कह सकते है ।

इस sim कार्ड को आपको अपने Mobile में Insert करना होता है जिससे आप अपने किसी परिचित व्यक्ति से कॉल में बात कर पाते है SMS / MMS / विडियो Calling के माध्यम से बात करते है । किसी व्यक्ति का Location आप आसानी से जान सकते है ।

इस कार्ड में आप अपने परिचित के व्यक्ति के नम्बर Save कर सकते है । अगर आपका मोबाइल कंही खो जाये तो आप उसी no को आप अपने टेलिकॉम company के office में जाकर फिर से Activate कर सकते है । यह स्मार्ट कार्ड की एक और खासियत है की आप इसे एक मोबाइल से दुसरे Mobile में आसानी से transfer कर सकते है ।

Exa. यदि आपके फ़ोन की Battery Low हो जाये आपको argent बात करनी हो तो आप इसे आसानी से एक Mobile से दुसरे मोबाइल में switch कर सकते है । और आपनी बात कर सकते ।

सिम कार्ड का अविष्कार कब और किसने किया ?

sim का अविष्कार  सन 1991 में Giesecke  और  Devrient  के द्वारा किया गया था , लेकिन इन लोगो के यह सिम कार्ड का use नही किया था । इस दोनों ने यह sim कार्ड किसी जर्मन company के लिए बनाया था, सबसे पहले जो sim कार्ड बानाया गया तथा वो sim  कार्ड कुछ ATM कार्ड की तरह दिखियी देता था ।

धीरे धीरे इसमें अपडेट किया गया और इसका साइज़ छोटा किया गया , और इसे इतने छोटा किया गया की sim कार्ड में  जो चिप लगी होती  है use  आकार का कर दिया गया आज के Smartphone में जो sim use किया जाता है । जिसे हम Nano sim कहते है ।

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SIM कैसे काम करता है ?

जैसे की आपको पता ही है की Sim एक छोटा का chip होता है जिसे Mobile इन्सर्ट करने के बाद ही उसकी पूरी सर्विस का फायदा ले सकते है । Mobile में insert करने के बाद ही वह नेटवर्क के साथ कनेक्ट होता है ।

जिससे आपका मोबाइल अपने नजदीकी GSM नेटवर्क को search करता है अगर कोई नेटवर्क use मिलता है तो नेटवर्क Mobile के ट्रांसलेटर से सिंग्नल भेजकर कनेक्ट होता है । जिसके बाद आप नेटवर्क की help से किसी को भी call कर सकते है और Receive भी कर सकते है ।

अगर आप अपने no से किसी कोई दूसरा नम्बर Dial करते है तो वह call अपने company (जिस भी company की सिम है ) अपने द्वारा बनाये गए टॉवर की से फ़ोन की पहचान करता है , और जो आपने नम्बर डायल किया है उस no को सेटेलाइट के help से search करने के बाद उससे कनेक्ट करता है ।

तो इसी तरह आप किसी भी ब्यक्ति से contact करते है , SMS भेज सकते है इन्टरनेट use कर सकते है , इस प्रकार sim कार्ड वर्क करता है ।

SIM कार्ड के प्रकार (Payment के आधार में ) 

Payment के  आधार आप 2 प्रकार के सिम होते है जैसे –

♦ Prepaid सिम

आज के time में प्रीपेड  Sim का  उपयोग करने के लिए हमे सबसे पहले Recharge करना होता है जैसे  149/199/249 जिसके बाद ही हम किसी भी प्रकार की सर्विस का Use कर सकते  है । jio के आने के बाद हमे Data/ Voice Calling/ SMS डे wise लिमिट में दिए जाते है ।

लेकिन इस सिम की खासियत यही है की आप जब तक इसमें Recharge नही करते आप किसी  भी सेवा का उपयोग नही कर सकते है ।

♦ Postpaid सिम

पोस्टपेड सिम में आप जितनी चाहो बात कर सकते है इसमें Recharge करने की जरुरत नही  होती है इस Sim में आप जितनी बात करोगे आपका उतना ही Bill आयेगा । महीने के अंत में इस Sim का बिल pay करना होता है यह आपके उपयोग करने के आधार पर ही निर्भर करता है ।

SIM कार्ड के प्रकार (Technology के आधार में ) 

Technology ले आधार पर Sim 2 प्रकार के होते है –

GSM सिम 

GSM का फुल फॉर्म होता है ” Global System For Mobile “ जिसे “Bell Laboratories” ने सन 1970 में बनाया था इसकी डाटा transfer रेट 800MHz से 1.2 GHz तक होती है । आज के समय में इस sim का उपयोग सबसे ज्यादा किया जाता है । 

इस sim एक प्लास्टिक के कार्ड के रूप में दिखता है इसे आप आसानी से किसी भी Mobile में आसानी से Switch किया जा सकता है ।

♦ CDMA सिम

आपने सबसे पहले Reliance का रिम कीपैड मोबाइल तो देखा ही होगा जिसमे In-build sim मोबाइल के साथ में ही आता था जो CDMA sim का उदाहरण है , यह sim मोबाइल के साथ में ही Attach होता है इसे आप  न ही निकाल सकते है और न ही कोई sim इस मोबाइल में लगा सकते है ।

वर्तमान में इसका चलन बहुत ही कम हो गया है , आज कल यह एप्पल (I phone) और Google Pixel के महंगे Smartphone में देखने को मिल सकते है । यह भी प्रीपेड और पोस्ट paid दोनों में मिल जायेगा ।

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SIM कार्ड के प्रकार (Size के आधार में )

साइज़ के आधार पर sim कार्ड 4 प्रकार के होते है जिन्हें हम कुछ इस तरह से समझ सकते है ।

♦ Standard सिम कार्ड

जैसे की मेने आपको ऊपर पहले ही जानकारी दी की Starting में जब सबसे  पहले सिम कार्ड बनाया गया तो इसका साइज़ कुछ आज के ATM के जैसे था जो बहुत ज्यादा ही जगह लेता था बाद में इसमें Upgrade करके इसका साइज़ कम किया गया ।

♦ मिनी सिम

मिनी sim का उपयोग सभी प्रकार के key-paid मोबाइल में किया जाता है जैसे – Nokia, Samsung, Spice, Micro-max, इत्यादि 2G मोबाइल में इस sim का उपयोग किया जाता है। जिसके अन्दर आसानी से mini sim कार्ड लगा सकते है लेकिन भारत देश में जुगाड़ बहुत ज्यादा प्रचलित है तो इसमें माइक्रो और nano का भी इस्तेमाल कर सकते है ।

♦ माइक्रो सिम

माइक्रो sim यह मिनी सिम से थोडा छोटा होता है जिसे अधिकतर 3G फ़ोन की लगाया जाता था, यह यूरोपीय दूरसंचार मानक Institute के द्वारा Develop किया गया । आज का jio फ़ोन इसका बहुत अच्छा उदाहरण है क्युकी इसमें Micro का ही स्लॉट दिया होता है ।

चाहे तो आप इसमें nano sim का use भी कर सकते है ।

♦ Nano सिम

यह एक ऐसा Sim कार्ड है जिसका उपयोग हम केवल और  केवल Smart phone के अन्दर ही कर सकते है आज के स्मार्ट फ़ोन में nano sim का ही option होता है । कोई भी Smartphone यूजर हो वो अपने फ़ोन में nano sim का ही उपयोग कर सकता है ।

Sim कार्ड के फायदे 

सिम कार्ड के निम्न प्रकार के फायदे है –

  1. sim कार्ड में  हम Recharge कर के किसी भी व्यक्ति जैसे Friend, पिता जी , माताजी सिस्टर , भाई , परिचित लोगो से आसानी से बात कर सकते है और किसी के भी नम्बर पर कॉल कर सकते है ।
  2. Sim कार्ड में आप Voice Calling ले आलावा भी Text MSG. इन्टरनेट , इत्यदि की सुविधा भी दी जाती है जिससे आप इन्टरनेट की Help से घर बैठे ही देश दुनिया  की खबर अपने ही फ़ोन में आसानी से पा सक्ते है ।
  3. अगर आपका सिम कार्ड खो जाये या फिर Mobile खो जाने के बाद आप उस company की टेलिकॉम office जाकर  90 दिनों के अन्दर उसी नम्बर से सिम ले सकते है ।
  4. अगर आप भविष्य में अपना Mobile बदलते है तो आप अपना सिम निकाल सकते है और दुसरे फ़ोन में लगा सकते है ।
  5. आपको सिम कार्ड में Blacklist का आप्शन मिलता है जिससे आप बार बार परेशान करने वाले नम्बर को आप ब्लाक कर सकते है ।
  6. आपको सिम में नम्बर store करने के लिए भी Storage दिया जाता है जिससे आप अपने सिम में भी परिचित लोगो का नम्बर Save करके रख सकते है ।
  7. Call Forwarding की help से आप अपने अपने फ़ोन में दुसरे नम्बर को add कर सकते है ।

इस तरह आपको सिम कार्ड में अनेक प्रकार के फायदे मिलते है ।

E – Sim क्या होता है ?

Embedded Subscriber Identity Module जैसे जैसे Technology का विकास होते जा रहा है वैसे वैसे नये नये अविष्कार होते जा रहे है जब सिम कार्ड का अविष्कार किया गया था , तब उसका आकर बहुत बड़ा था , टेक्नोलॉजी के विकास होने से सिम के size को कम किया गया । e-sim कुछ मेमोरी कार्ड के साइज़ का होगा जो आपके Smartphone में पहले से ही in-build होगा ।

physical सिम आज भी चल रहे है लेकिन अब virtual सिम का भी अविष्कार हो चूका है जो एक एक नई Technology है , अब यह सिम कार्ड पूरी तरह से physical सिम (प्लास्टिक कार्ड ) की जगह कुछ ही समय में ले चूका होगा ।

E – Sim का फुल फॉर्म है “Embedded Subscriber Identity Module ” यह एक virtual सिम कार्ड होगा जो आपके Phone में पहले से ही लगा हुआ मिलेगा । जैसे की  आज के Smartphone में हमें Phone Storage दिया जाता है जिसमे हमें मेमोरी कार्ड लगाने की Requirement नही होती है ।

जिसे आप भी भी निकाल नही सकते है यह एक Software के help से काम करेगा जैसे इसमें आपको no. transfer करना हो नया एक्टिवेट करना हो जैसे Features आपको दिए जायेंगे । अगर आप अपना Phone बेच रहे है उस Condition में आपको पुराने फ़ोन के नम्बर को आप Deactivate करके नये फ़ोन में उस नम्बर को Activate कर सकते है ।

जिस process को आप एक सॉफ्टवेर के help करेंगे ।

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E- Sim कैसे वर्क करता है ? 

e- sim जब भी आप कभी नया e -sim वाला Phone लेते है, तो वंहा पर आपको e सिम पूरी तरह खाली मिलता है आप चाहे तो नया नम्बर भी ले सकते है या फिर आप अपने physical सिम कार्ड का नम्बर eसिम में transfer कर सकते है । अगर आपको अपना no transfer करना है तो आपको अपने पहले Telecom company से contact करना होता है जैसे (SMS)

फिर आपका सर्विस provider एक QR कोड देगा जिसे आप फ़ोन में Scan कर के अपने नये e -sim वाले फ़ोन में no activate कर सकते है ।

अगर आपने कभी आपने सिम को पोर्ट करवाया होगा जैसे आईडिया से Jio में Switch किया हो ठीक उसी प्रकार से ही E-Sim की प्रोसेस्स वर्क करेगी ।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न )

प्रश्न 1. Sim का क्या उपयोग है ? 

उत्तर – सिम के द्वारा हम किसी दुसरे व्यक्ति को Call कर सकते है Text मेसेज , MMS , और साथ ही इन्टरनेट का उपयोग भी कर सकते है ।

प्रश्न 2. सिम कार्ड कितने प्रकार के होते है ?

उत्तर –  सिम कार्ड 2 प्रकार के होते है 1. GSM यह सिम सबसे ज्यादा प्रचलन में है यह छोटा है प्लास्टिक का कार्ड होता है जिसमे एक इलेक्ट्रॉनिक Chip लगी होती है 2. CDMA यह एक En-build सिम होती है यह मोबाइल में company के द्वारा पहले से ही attached होती है ।

प्रश्न 3. सिम कार्ड का दुसरा नाम क्या है हिंदी में ? 

उत्तर – Sim का नाम “सब्सक्राइबर आइडेंटिटी module” हिंदी में यह किसी ग्राहक को एक विशेष पहचान देती है ।

प्रश्न 4. e- सिम सपोर्टेड फ़ोन कौन से है ? 

उत्तर – e-sim supported करने फ़ोन Apple , google pixel यह है।

प्रश्न 5. e-sim कौन कौन सी company देते है ?

उत्तर – e-सीम की सुविधा Airtel और Jio यह दोंनो company ही e-sim की सुविधा देती है ।

प्रश्न 6. कैसे पता करें की सिम किसके नाम पर है ? 

उत्तर – आप जिस भी company की सिम उपयोग करते हो आप उस टेलिकॉम company का ऑफिसियल App डाउनलोड कर के उस app में OTP के माध्यम से Sign हो सकते है जिसके बाद आप देख सकते है की यह सिम किसके नाम पर Registered है ।

आज आपने क्या सीखा 

उम्मीद है  दोस्तों आज के पोस्ट “SIM ka  full form” क्या है SIM क्या होता है , E-SIM क्या है , E-सिम कैसे work करता है , सिम के क्या क्या फायदे है , आज के इस Post से आपने कुछ नया ज़रुर सिखा । अगर आपका कोई सवाल या फिर कोई सुझाव हो तो आप मुझे comment Box में पूछ सकते है ।

आपको इस Post से कुछ नया सिखने को मिला तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ Re-lesion वालों के साथ जरूर share करें ताकि उन्हें भी इसके बारे में जानकारी हो सके ।

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